लैब डॉक्टर्स और तकनीशियन सीख रहे हैं गुणवत्ता के मानक
देवास-अमलतास इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ने चिकित्सा और जांच के क्षेत्र में गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। संस्थान द्वारा ‘360 डायग्नोस्टिक एंड हेल्थ सर्विसेज’ के सहयोग से ‘प्रोग्राम 360 HELP’ (हेल्थ एजुकेशन एंड लर्निंग प्रोटोकॉल) के अंतर्गत एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
15 अप्रैल से शुरू हुई यह चार-दिवसीय वर्कशॉप मुख्य रूप से ISO 15189:2022 मानकों पर आधारित रही। इसका मुख्य उद्देश्य लैबोरेट्री डॉक्टर्स और तकनीशियनों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के गुणवत्ता प्रबंधन और नवीनतम प्रोटोकॉल में प्रशिक्षित करना है, ताकि मरीजों को सटीक और मानक जांच रिपोर्ट मिल सके।
इस कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में 360 डायग्नोस्टिक्स की डायरेक्टर डॉ. जतिंदर भाटिया उपस्थित रहीं। डॉ. भाटिया, जो FICCI, BRICS और क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (QCI) जैसी प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की सदस्य हैं, ने प्रतिभागियों को Quality Management Systems (QMS), ISO और NABL के महत्व और फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में न केवल अमलतास मेडिकल कॉलेज, बल्कि MGM इंदौर, मेडिकल कॉलेज खंडवा और इंडेक्स मेडिकल कॉलेज इंदौर के प्रतिभागियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम की सफलता में आयोजन समिति की अहम भूमिका रही, जिसका नेतृत्व बायोकेमिस्ट्री विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शेख मोहम्मद खालिक (ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन) ने किया। उनके साथ पैथोलॉजी विभाग की एचओडी डॉ. ममता अग्रवाल (ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी) और डॉ. अभिराज रामचंद्रानी ने पूरे तालमेल के साथ इस आयोजन को सफल बनाया।
इस गरिमामय अवसर पर संस्थापक अध्यक्ष श्री सुरेश सिंह भदौरिया जी, अध्यक्ष श्री मयंकराज सिंह भदौरिया जी, डीन डॉ. ए.के. पिठवा, प्रो-चांसलर डॉ. सलिल भार्गव, रजिस्ट्रार डॉ. अभय गुप्ता और सी.ओ.ओ डॉ. जगत रावत सहित सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों ने उपस्थित रहकर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
अमलतास ग्रुप के चेयरमैन श्री मयंकराज सिंह भदौरिया जी ने कहा कि मरीज के हित में और चिकित्सा शिक्षा को प्रभावी बनाने के लिए इस तरह की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कार्यशालाओं के आयोजन में अमलतास संस्थान सदैव सहभागी बना रहेगा।


